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Showing posts from July 30, 2025

समय का मालिक तू है प्रभु"

🎵  "समय का मालिक तू है प्रभु" (Key: D Minor / Tempo: Slow Worship – ~65 bpm) Structure: Intro – Verse 1 – Chorus – Verse 2 – Chorus – Bridge – Final Chorus – Outro 🔹 Intro (Soft piano or acoustic guitar): (Instrumental – light pads) 🔹 Verse 1: हमने तो बस तुझ पर भरोसा किया, अँधेरों में भी तेरा नाम लिया। हर दर्द को तेरे चरणों में रखा, हर उत्तर के लिए बस तेरा ही इंतज़ार किया। 🔹 Chorus: ✨ समय का मालिक तू है प्रभु, हम नहीं, तेरी घड़ी में ही न्याय लिखा कहीं। हम समझें या ना समझें, पर विश्वास यही कहता है — समझने से भी, ये तेरा ही समय है। 🔹 Verse 2: जो आज टूटा है, कल तू जोड़ेगा, जो खामोश हैं, तेरा आत्मा बोलेगा। तेरी राहें ऊँची, तेरे वादे सच्चे, हर आँसू का हिसाब, तू अपने हाथ से लिखे। 🔹 Chorus (Repeat): ✨ समय का मालिक तू है प्रभु, हम नहीं, हर टूटे स्वप्न में, तेरा उद्देश्य छिपा कहीं। हम सहते रहें... पर भरोसा यही कहता है — समझने से भी, ये तेरा ही समय है। 🔹 Bridge (Worship build-up): तू विलंब करे... पर तू कभी चूके नहीं, तेरे वचन बदलते नहीं, त...

प्रभु थाम ले मुझे

🎵 प्रभु थाम ले मुझे (Prabhu Thaam Le Mujhe) [ Chorus / मुखड़ा ] थाम ले मुझे, मेरे यीशु चंगा कर मुझे, मेरे महबूब तेरे प्यार में, है मेरी पहचान भूला नहीं तूने, है मैं तेरा इन्तेख़ाब (महबूब = beloved, इन्तेख़ाब = chosen) [ Verse 1 / अंतरा 1 ] जो लोग बोले, वो सच नहीं है तेरी नज़र में, है बस मेरी हकीकत तेरे करम में, है मेरी हिफाज़त तेरे क़दमों में है सुकून-ओ-रहमत (हकीकत = truth, करम = grace, हिफाज़त = protection, सुकून = peace, रहमत = mercy) [ Chorus ] थाम ले मुझे, मेरे यीशु चंगा कर मुझे, मेरे महबूब तेरे प्यार में, है मेरी पहचान भूला नहीं तूने, है मैं तेरा इन्तेख़ाब [ Verse 2 / अंतरा 2 ] जिन्होंने भी दिल को दुखाया उन्हें भी बख़्श दूँ, ये फ़ज़ल दे तू मेरे दिल-ओ-दिमाग़ को करार दे दुश्मन की आवाज़ को ख़ामोश कर दे (बख़्श = forgive, फ़ज़ल = grace/favor, दिल-ओ-दिमाग़ = heart and mind, करार = calmness, ख़ामोश = silent) [ Bridge / पुल ] जब राहें हो धुंधली, तुझ पे यक़ीन है तू ही शिफा है, तू ही नसीब है हर आँसू, हर रंज-ओ-ग़म तुझसे कहूँ तेरे पहलू में ही है मेरा ...

कौन चाहता है दुख को

🎵 "कौन चाहता है दुख को?" 🎹 Intro – Soft Piano, Whispered Voice (Tempo: 72 bpm | Key: C minor) (Verse 1 – Soft & vulnerable) कौन चाहता है... दुख को? कौन नहीं तलबगार है सुकून का? हर रूह... भटकती है राहत में, हर दिल... सहता है कुछ खोने का ग़म। (Piano continues, strings begin to swell) 🎶 (Chorus – Emotional lift) हर कोई डरता है तन्हाई से, मगर वहीं से मिलती है रोशनी, जो चल दे आँसुओं की राह में, वो पा लेता है रौशन सी ज़िंदगी। (Layered harmonies + soft rhythm enters) 🕊️ (Verse 2 – Turning realization) हर ज़ख़्म, इक दुआ बन जाता है, अगर तू सब्र से जवाब दे, हर दर्द, इक आईना है बस... जो तेरी रूह को सजाता है। (Drums enter with soft impact. Violin swell.) 🌟 (Final Chorus – Soaring with feeling) कौन चाहता है दुख को? फिर भी हर कोई सहता है... क्योंकि रब की रहमत भी वही पाता है, जो हर हाल में... शुक्र करता है। 🎼 Musical Notes for Composer Scale: C minor or D minor (Arijit sounds rich here) Tempo: 70–72 bpm Mood: Soulful, melancholic, intro...